| प्राचीन काल (सिंधु घाटी सभ्यता से गुप्त काल तक) |
| लगभग 3300–1300 ई.पू. |
सिंधु घाटी सभ्यता (हड़प्पा सभ्यता) का उत्कर्ष और पतन |
हड़प्पावासी (अज्ञात शासक) |
विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में से एक। नगर-नियोजन, जल निकासी प्रणाली, लिपि के लिए जानी जाती है। पतन के कारण अज्ञात। |
| लगभग 1500 ई.पू. |
आर्यों का भारत में आगमन |
आर्य (इंडो-यूरोपियन) |
वैदिक सभ्यता की शुरुआत। संस्कृत भाषा, वैदिक ग्रंथों (ऋग्वेद) और नई सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था का आरंभ। |
| लगभग 600 ई.पू. |
16 महाजनपदों का उदय |
मगध, कोसल, वत्स, अवन्ति आदि |
छोटे गणराज्यों से बड़े साम्राज्यों की ओर संक्रमण। मगध सबसे शक्तिशाली बना। युग को "द्वितीय नगरीकरण" भी कहा जाता है। |
| 563 ई.पू. |
गौतम बुद्ध का जन्म (लुम्बिनी, नेपाल) |
गौतम बुद्ध (सिद्धार्थ) |
बौद्ध धर्म के संस्थापक। उपदेश: चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग। श्रमण परंपरा को मजबूती। |
| 540 ई.पू. |
महावीर स्वामी का जन्म (कुंडग्राम, बिहार) |
वर्द्धमान महावीर |
जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर। उपदेश: अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह। संघ की स्थापना की। |
| 483 ई.पू. |
प्रथम बौद्ध संगीति (राजगृह में आयोजित) |
महाकश्यप, आनंद, राजा अजातशत्रु |
बुद्ध की शिक्षाओं (सुत्त और विनय) का संकलन। बौद्ध धर्म के थेरवाद संप्रदाय की नींव। |
| 468 ई.पू. |
महावीर स्वामी का निर्वाण (मोक्ष) (पावापुरी, बिहार) |
महावीर स्वामी |
जैन धर्म का एक प्रमुख तीर्थ स्थल बना। जैन समुदाय ने इसे महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाना शुरू किया। |
| 326–325 ई.पू. |
सिकंदर का भारत पर आक्रमण |
सिकंदर (अलेक्जेंडर द ग्रेट), पोरस |
पश्चिमी और भारतीय सभ्यताओं के बीच पहला प्रत्यक्ष संपर्क। हाइडैस्पीज (झेलम) का युद्ध। सिकंदर की सेना ने आगे बढ़ने से मना कर दिया। |
| 322 ई.पू. |
चंद्रगुप्त मौर्य मगध के सिंहासन पर आसीन; मौर्य साम्राज्य की स्थापना |
चंद्रगुप्त मौर्य, चाणक्य (कौटिल्य) |
भारत का पहला विशाल साम्राज्य। चाणक्य के अर्थशास्त्र का प्रभाव। प्रशासनिक एकीकरण की शुरुआत। |
| 305 ई.पू. |
सेल्यूकस निकेटर के विरुद्ध चंद्रगुप्त की विजय |
चंद्रगुप्त मौर्य, सेल्यूकस निकेटर |
सेल्यूकस-मौर्य संधि: सेल्यूकस ने काबुल, कंधार और हेरात के प्रदेश दिए और बदले में 500 हाथी प्राप्त किए। मेगस्थनीज को दूत बनाकर भेजा गया। |
| 269 ई.पू. |
सम्राट अशोक का राज्याभिषेक |
सम्राट अशोक |
मौर्य साम्राज्य अपने चरम पर पहुँचा। प्रारंभ में उसे "चंडाशोक" कहा जाता था। |
| 261 ई.पू. |
अशोक का कलिंग युद्ध |
सम्राट अशोक, कलिंग के राजा |
युद्ध की विभीषिका देख अशोक ने बौद्ध धर्म अपना लिया और धम्म का प्रचार शुरू किया। शिलालेखों के माध्यम से प्रशासन चलाया। |
| लगभग 185 ई.पू. |
मौर्य साम्राज्य का अंत; शुंग वंश की स्थापना |
अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ, पुष्यमित्र शुंग |
पुष्यमित्र शुंग ने बृहद्रथ की हत्या कर साम्राज्य पर कब्जा किया। बौद्ध धर्म का पतन और ब्राह्मणवाद (हिंदू धर्म) का पुनरुत्थान शुरू हुआ। |
| लगभग 60 ई.पू. |
सातवाहन वंश की स्थापना |
सिमुक (पहला शासक) |
दक्कन (मध्य भारत) में पहला प्रमुख स्वदेशी साम्राज्य। व्यापार, कला (अमरावती स्तूप) और साहित्य (गाथासप्तशती) का विकास। |
| 58 ई.पू. |
विक्रम संवत का आरंभ |
राजा विक्रमादित्य (उज्जैन) |
मान्यता है कि उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने शकों को पराजित करने की स्मृति में यह संवत शुरू किया। भारत में एक प्रमुख हिंदू कैलेंडर। |
| प्रारंभिक मध्यकाल (गुप्त काल से दिल्ली सल्तनत तक) |
| 319/320 ई. |
गुप्त संवत/गुप्त वंश की स्थापना |
चंद्रगुप्त प्रथम |
"भारत का स्वर्ण युग" शुरू हुआ। विज्ञान, गणित (आर्यभट्ट), साहित्य (कालिदास), कला और वास्तुकला का अभूतपूर्व विकास। |
| 335 ई. |
समुद्रगुप्त का राज्याभिषेक |
समुद्रगुप्त (चंद्रगुप्त प्रथम का पुत्र) |
"भारत का नेपोलियन"। प्रयाग प्रशस्ति (हरिषेण द्वारा रचित) में उसकी विजयों का वर्णन है। साम्राज्य का व्यापक विस्तार किया। |
| 606 ई. |
हर्षवर्धन थानेश्वर के सिंहासन पर बैठा; हर्षवर्धन साम्राज्य की स्थापना |
हर्षवर्धन |
उत्तर भारत में एकीकरण। पाटलिपुत्र के बाद कन्नौज नई राजधानी बनी। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने उसके शासनकाल में भारत की यात्रा की। |
| 712 ई. |
मुहम्मद बिन कासिम का सिंध पर आक्रमण |
मुहम्मद बिन कासिम (उमय्यद खलीफा का सेनापति), राजा दाहिर |
भारतीय उपमहाद्वीप में इस्लाम का पहला स्थायी आगमन। सिंध और मुल्तान पर अरबों का अधिकार हो गया। |
| 1000–1027 ई. |
महमूद गजनवी के 17 आक्रमण |
महमूद गजनवी, राजा जयपाल, अनंगपाल आदि |
उत्तर-पश्चिमी भारत में लूटपाट और विनाश। 1025 ई. में सोमनाथ मंदिर का विध्वंस सबसे कुख्यात घटना। भारत से विशाल धन लूटकर ले गया। |
| 1191 ई. |
तराइन का प्रथम युद्ध |
पृथ्वीराज चौहान तृतीय, मुहम्मद गौरी |
पृथ्वीराज चौहान की विजय। गौरी को बंदी बनाया गया लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। |
| 1192 ई. |
तराइन का द्वितीय युद्ध |
पृथ्वीराज चौहान, मुहम्मद गौरी |
निर्णायक मुस्लिम विजय। पृथ्वीराज की हार और मृत्यु। उत्तर भारत में तुर्की-मुस्लिम शासन की नींव पड़ी। |
| 1206 ई. |
दिल्ली सल्तनत की स्थापना (गुलाम वंश) |
कुतुबुद्दीन ऐबक (पहला सुल्तान) |
दिल्ली में पहला मुस्लिम राजवंश। कुतुब मीनार का निर्माण शुरू हुआ। मामलुक (गुलाम) परंपरा से उदय। |
| 1290 ई. |
खिलजी वंश की स्थापना |
जलालुद्दीन खिलजी |
गुलाम वंश का अंत। खिलजी क्रांति ने तुर्की अभिजात वर्ग का वर्चस्व तोड़ा। अलाउद्दीन खिलजी के शासन में साम्राज्य का विस्तार हुआ। |
| 1320 ई. |
तुगलक वंश की स्थापना |
गयासुद्दीन तुगलक |
मुहम्मद बिन तुगलक के विवादास्पद सुधार (राजधानी परिवर्तन, टोकन मुद्रा)। फिरोज शाह तुगलक ने लोक निर्माण कार्यों पर ध्यान दिया। |
| 1398 ई. |
तैमूर लंग का दिल्ली पर आक्रमण |
तैमूर लंग, नसिरुद्दीन महमूद शाह तुगलक |
दिल्ली सल्तनत को भारी क्षति। लूटपाट, नरसंहार और तबाही। तुगलक वंश की शक्ति समाप्त हो गई। |
| मध्यकालीन भारत (विजयनगर से मुगल काल तक) |
| 1336 ई. |
विजयनगर साम्राज्य की स्थापना |
हरिहर प्रथम और बुक्का प्रथम (संगम वंश) |
दक्षिण भारत में हिंदू साम्राज्य की पुनर्स्थापना। व्यापार, कला और वास्तुकला (हंपी) का केंद्र। यूरोपीय यात्रियों ने इसकी समृद्धि का वर्णन किया। |
| 1347 ई. |
बहमनी सल्तनत की स्थापना |
अलाउद्दीन बहमन शाह |
दक्कन में पहली स्वतंत्र मुस्लिम सल्तनत। गुलबर्ग और बाद में बीदर राजधानी बनी। विजयनगर से लगातार संघर्ष। |
| 1498 ई. |
वास्को डी गामा का भारत आगमन (कालीकट बंदरगाह) |
वास्को डी गामा (पुर्तगाली अन्वेषक), जमोरिन (कालीकट के शासक) |
समुद्री मार्ग से यूरोप और भारत के बीच प्रत्यक्ष संपर्क की शुरुआत। यूरोपीय औपनिवेशिक युग का सूत्रपात। |
| 1526 ई. |
पानीपत का प्रथम युद्ध; मुगल साम्राज्य की स्थापना |
बाबर, इब्राहिम लोदी |
तुलुगमा और रुमी युद्ध तकनीक से बाबर की निर्णायक विजय। दिल्ली सल्तनत का अंत और भारत में मुगल युग की शुरुआत। |
| 1527 ई. |
खानवा का युद्ध |
बाबर, राणा सांगा (मेवाड़) |
बाबर ने राजपूत संघ को हराया। उसने गाजी (धर्मयोद्धा) की उपाधि ली। उत्तर भारत में मुगल शक्ति स्थापित हो गई। |
| 1556 ई. |
पानीपत का द्वितीय युद्ध |
अकबर (बैरम खान के संरक्षण में), हेमू |
14 वर्षीय अकबर की विजय। हेमू की हार और मृत्यु। मुगल साम्राज्य की पुनर्स्थापना हुई जो लगभग समाप्त हो चला था। |
| 1565 ई. |
तालीकोटा का युद्ध (राक्षसी-तंगड़ी का युद्ध) |
विजयनगर साम्राज्य बनाम दक्कन सल्तनतों का संघ |
विजयनगर की निर्णायक हार। राजधानी हंपी का विनाश। दक्षिण भारत में विजयनगर की शक्ति समाप्त हो गई। |
| 1576 ई. |
हल्दीघाटी का युद्ध |
महाराणा प्रताप (मेवाड़), अकबर की सेना (मान सिंह प्रथम के नेतृत्व में) |
रणनीतिक रूप से अनिर्णायक, लेकिन मुगलों ने क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। महाराणा प्रताप ने गुरिल्ला युद्ध जारी रखा और कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। वीरता की प्रतीक घटना। |
| 1600 ई. |
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना |
रानी एलिजाबेथ प्रथम (रॉयल चार्टर जारी किया) |
भारत में ब्रिटिश व्यापारिक और राजनीतिक प्रभुत्व की आधारशिला। शुरुआत में इंडोनेशिया के मसालों पर ध्यान केंद्रित, बाद में भारत पर स्थानांतरित। |
| 1615 ई. |
सर थॉमस रो का जहाँगीर के दरबार में आगमन |
सर थॉमस रो (ब्रिटिश राजदूत), जहाँगीर |
पहला औपचारिक ब्रिटिश दूत। सूरत और अन्य स्थानों पर व्यापारिक फैक्ट्रियाँ स्थापित करने की अनुमति प्राप्त हुई। |
| 1666 ई. |
गुरु गोबिंद सिंह का जन्म (पटना साहिब, बिहार) |
गुरु गोबिंद सिंह (10वें सिख गुरु) |
सिख पंथ के अंतिम मानव गुरु। बाद में खालसा पंथ की स्थापना की और मुगलों के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। |
| 1699 ई. |
खालसा पंथ की स्थापना (बैसाखी के दिन, आनंदपुर साहिब) |
गुरु गोबिंद सिंह |
सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़। पाँच प्यारों की अमर संस्था का गठन। सिखों को एक सैन्य एवं आध्यात्मिक समुदाय में परिवर्तित किया। |
| औपनिवेशिक काल (ईस्ट इंडिया कंपनी से ब्रिटिश राज तक) |
| 1757 ई. |
प्लासी का युद्ध |
रॉबर्ट क्लाइव (ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी), सिराज-उद-दौला (बंगाल के नवाब) |
अंग्रेजों की छद्म युद्ध के माध्यम से विजय। मीर जाफर को गद्दारी के बदले नवाब बनाया गया। भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की नींव रखी गई। |
| 1764 ई. |
बक्सर का युद्ध |
हेक्टर मुनरो (ब्रिटिश), मीर कासिम, शुजाउद्दौला (अवध), शाह आलम द्वितीय |
ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की निर्णायक विजय। 1765 की बंगाल की दीवानी: कंपनी को बंगाल, बिहार और उड़ीसा की राजस्व वसूली का अधिकार मिला। वास्तविक शक्ति अंग्रेजों के हाथ में आ गई। |
| 1773 ई. |
रेगुलेटिंग एक्ट पारित |
ब्रिटिश संसद, वारेन हेस्टिंग्स (पहला गवर्नर-जनरल) |
पहली बार कंपनी के प्रशासन पर ब्रिटिश संसद का नियंत्रण स्थापित हुआ। बंगाल में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना हुई। |
| 1784 ई. |
पिट्स इंडिया एक्ट पारित |
ब्रिटिश प्रधानमंत्री विलियम पिट द यंगर |
कंपनी के राजनीतिक और व्यापारिक कार्यों को अलग किया गया। लंदन में एक बोर्ड ऑफ कंट्रोल की स्थापना की गई। |
| 1799 ई. |
श्रीरंगपट्टनम का चौथा आंग्ल-मैसूर युद्ध; टीपू सुल्तान की मृत्यु |
टीपू सुल्तान, जनरल हैरिस (ब्रिटिश) |
टीपू सुल्तान की वीरगति। मैसूर पर वोडेयार वंश की बहाली, लेकिन ब्रिटिश संरक्षण में। दक्षिण भारत में ब्रिटिश प्रभुत्व स्थापित हुआ। |
| 1817–19 ई. |
तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध |
मराठा सरदार (पेशवा बाजीराव द्वितीय), लॉर्ड हेस्टिंग्स |
मराठा शक्ति का पूर्ण रूप से दमन। पेशवा को पेंशन देकर कानपुर भेज दिया गया। भारत में अंग्रेजी सर्वोच्चता (British Paramountcy) स्थापित हो गई। |
| 1828 ई. |
ब्रह्म समाज की स्थापना (कोलकाता) |
राजा राममोहन राय |
भारत में आधुनिक पुनर्जागरण और सुधार आंदोलन की शुरुआत। एकेश्वरवाद, सती प्रथा के विरोध और शिक्षा के प्रसार पर जोर। |
| 1829 ई. |
सती प्रथा का औपचारिक उन्मूलन |
लॉर्ड विलियम बेंटिक, राजा राममोहन राय |
राजा राममोहन राय के अभियान के बाद लॉर्ड बेंटिक द्वारा कानून बनाया गया। महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम। |
| 1853 ई. |
भारत में पहली रेलवे लाइन (मुंबई से ठाणे) |
लॉर्ड डलहौजी |
आधुनिक परिवहन और संचार क्रांति की शुरुआत। देश के आर्थिक और प्रशासनिक एकीकरण में सहायक। |
| 1857 ई. |
भारतीय स्वतंत्रता का प्रथम संग्राम (सिपाही विद्रोह) |
मंगल पांडे, बहादुर शाह जफर, रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहब, तात्या टोपे |
व्यापक लेकिन असंगठित विद्रोह। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन का अंत। 1858 के भारत सरकार अधिनियम द्वारा सीधा ब्रिटिश ताज का शासन (ब्रिटिश राज) शुरू हुआ। |
| 1885 ई. |
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (बॉम्बे में) |
ए.ओ. ह्यूम, दादाभाई नौरोजी, डब्ल्यू.सी. बनर्जी आदि |
भारतीय राष्ट्रवाद की संस्थागत अभिव्यक्ति। शुरुआत में एक उदारवादी, संवैधानिक संगठन, बाद में स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख मंच बना। |
| 1905 ई. |
बंगाल का विभाजन |
लॉर्ड कर्जन |
"फूट डालो और राज करो" की नीति। व्यापक राष्ट्रवादी विरोध के कारण स्वदेशी आंदोलन और बहिष्कार आंदोलन का जन्म हुआ। 1911 में विभाजन रद्द किया गया। |
| आधुनिक भारत (स्वतंत्रता आंदोलन से वर्तमान तक) |
| 1906 ई. |
अखिल भारतीय मुस्लिम लीग की स्थापना (ढाका में) |
आगा खान, नवाब सलीमुल्लाह खान |
भारतीय मुसलमानों के हितों की रक्षा के लिए एक अलग राजनीतिक संगठन। बाद में पाकिस्तान के निर्माण की माँग का केंद्र बना। |
| 1919 ई. |
रॉलेट एक्ट (काला कानून) पारित; जलियाँवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल) |
ब्रिटिश सरकार, जनरल डायर, महात्मा गांधी |
बिना मुकदमे की गिरफ्तारी के अधिकार वाला कानून। प्रतिक्रिया में अमृतसर में शांतिपूर्ण सभा पर गोलीबारी, सैकड़ों निर्दोष मारे गए। राष्ट्रीय आक्रोश में वृद्धि। |
| 1920 ई. |
असहयोग आंदोलन का आरंभ |
महात्मा गांधी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
जलियाँवाला बाग के विरोध में शुरू हुआ पहला जन-आंदोलन। सरकारी उपाधियाँ, स्कूल-कॉलेज, अदालतों और विधानसभाओं का बहिष्कार। 1922 में चौरी-चौरा की घटना के बाद वापस लिया गया। |
| 1922 ई. |
चौरी-चौरा की घटना (4 फरवरी) |
उग्र भीड़ (गोरखपुर, यूपी), पुलिस |
असहयोग आंदोलन के दौरान एक पुलिस चौकी में आग लगा दी गई, जिसमें 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई। इस हिंसा के कारण गांधीजी ने आंदोलन वापस ले लिया। |
| 1928 ई. |
साइमन कमीशन का भारत आगमन और देशव्यापी विरोध ("साइमन गो बैक") |
सर जॉन साइमन, लाला लाजपत राय |
भारतीय सदस्यों के बिना संवैधानिक सुधारों का प्रस्ताव तैयार करने वाला आयोग। लाहौर में विरोध प्रदर्शन के दौरान लाला लाजपत राय पर लाठीचार्ज, जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई। |
| 1930 ई. |
नमक सत्याग्रह (दांडी मार्च) (12 मार्च – 6 अप्रैल) |
महात्मा गांधी और 78 सत्याग्रही |
नमक कानून तोड़ने के लिए अहमदाबाद से दांडी तक 385 किमी की पदयात्रा। सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रारंभ। ब्रिटिश राज की नैतिक नींव को हिला दिया। |
| 1931 ई. |
गांधी-इरविन समझौता (5 मार्च) |
महात्मा गांधी, लॉर्ड इरविन (वायसराय) |
सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित किया गया। गांधीजी ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने की सहमति दी। राजनैतिक कैदियों की रिहाई जैसी शर्तें। |
| 1935 ई. |
भारत सरकार अधिनियम, 1935 पारित |
ब्रिटिश संसद |
प्रांतीय स्वायत्तता, संघीय व्यवस्था और द्विशासन (डायर्की) का प्रावधान। भारतीय संविधान का मुख्य आधार बना, हालाँकि संघीय व्यवस्था कभी लागू नहीं हुई। |
| 1940 ई. |
लाहौर प्रस्ताव (23 मार्च) – पाकिस्तान की माँग |
मुहम्मद अली जिन्ना, अखिल भारतीय मुस्लिम लीग |
मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में पहली बार स्पष्ट रूप से एक अलग मुस्लिम राज्य (पाकिस्तान) की माँग रखी गई। |
| 1942 ई. |
भारत छोड़ो आंदोलन (8 अगस्त) – "करो या मरो" |
महात्मा गांधी, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस |
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ब्रिटिश शासन को तुरंत समाप्त करने की माँग। पूरे देश में व्यापक जन आंदोलन और दमन। स्वतंत्रता की अंतिम लड़ाई का प्रतीक। |
| 1946 ई. |
कैबिनेट मिशन योजना और असफलता |
कैबिनेट मिशन (लॉर्ड पैथिक लॉरेंस आदि), कांग्रेस, मुस्लिम लीग |
एकजुट भारत के लिए अंतिम ब्रिटिश प्रस्ताव। लीग और कांग्रेस के बीच मतभेदों के कारण विफल रहा। सीधे विभाजन की ओर बढ़ने का रास्ता साफ हुआ। |
| 1947 ई. |
भारत का विभाजन और स्वतंत्रता (15 अगस्त) |
लॉर्ड माउंटबेटन (अंतिम वायसराय), जवाहरलाल नेहरू, मुहम्मद अली जिन्ना |
भारत स्वतंत्र हुआ। 3 जून योजना के अनुसार भारत और पाकिस्तान का विभाजन हुआ। इतिहास के सबसे बड़े पलायन और सांप्रदायिक हिंसा का दौर। |
| 1948 ई. |
महात्मा गांधी की हत्या (30 जनवरी) |
नाथूराम गोडसे, महात्मा गांधी |
दिल्ली के बिरला हाउस में शाम की प्रार्थना सभा के दौरान गोली मारकर हत्या। पूरा देश शोक में डूब गया। हिंदू राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित हत्या। |
| 1950 ई. |
भारत का संविधान लागू (26 जनवरी) – गणतंत्र दिवस |
डॉ. भीमराव अंबेडकर (संविधान सभा के अध्यक्ष), डॉ. राजेंद्र प्रसाद (प्रथम राष्ट्रपति) |
भारत एक संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान लागू हुआ। 26 जनवरी को इसलिए चुना गया क्योंकि 1930 में इसी दिन पूर्ण स्वराज्य का प्रस्ताव पारित हुआ था। |
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