| रॉ (RAW) – रिसर्च एंड एनालिसिस विंग |
भारत |
भारत की प्रमुख विदेशी खुफिया एजेंसी। 1968 में चीन और पाकिस्तान से खतरों के मद्देनजर गठित। बांग्लादेश मुक्ति युद्ध (1971) और कारगिल युद्ध (1999) में अहम भूमिका। गुप्तचरी, आतंकवाद विरोधी और विदेशी राजनीतिक-सामरिक विश्लेषण का कार्य। |
| आईबी (IB) – इंटेलिजेंस ब्यूरो |
भारत |
भारत की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी। 1887 में ब्रिटिश काल में गठित। आतंकवाद, जासूसी, विद्रोह और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी खुफिया जानकारी जुटाने का कार्य। यह एक पुलिस संगठन है और गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। |
| सीआईए (CIA) – सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी |
संयुक्त राज्य अमेरिका |
अमेरिका की प्रमुख विदेशी खुफिया एजेंसी। 1947 में शीत युद्ध के दौर में सोवियत संघ के प्रभाव को रोकने के लिए गठित। विदेशों में गुप्त ऑपरेशन, जासूसी, सूचना एकत्र करना और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों का विश्लेषण करना इसके मुख्य कार्य हैं। |
| एफबीआई (FBI) – फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन |
संयुक्त राज्य अमेरिका |
अमेरिका की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन एजेंसी। 1908 में गठित। आतंकवाद विरोधी, साइबर अपराध, संगठित अपराध, जासूसी और संघीय कानूनों के उल्लंघन की जांच इसके प्रमुख कार्यक्षेत्र हैं। |
| एमआई6 (MI6) – सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस |
यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) |
ब्रिटेन की विदेशी खुफिया एजेंसी। 1909 में गठित। प्रसिद्ध जासूस जेम्स बॉण्ड की कहानियों से विश्वप्रसिद्ध। विदेशों में गुप्तचरी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों का आकलन करना इसका मुख्य उद्देश्य है। |
| एमआई5 (MI5) – सिक्योरिटी सर्विस |
यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) |
ब्रिटेन की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी। आतंकवाद, जासूसी और अलगाववाद से देश की रक्षा करना इसका प्राथमिक कार्य है। यह पुलिस एजेंसी नहीं है, बल्कि खुफिया जानकारी जुटाकर अन्य एजेंसियों को देती है। |
| मोसाद (Mossad) – द इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलिजेंस एंड स्पेशल ऑपरेशंस |
इजराइल |
इजराइल की राष्ट्रीय विदेशी खुफिया एजेंसी। 1949 में गठित। अपनी गुप्त ऑपरेशन क्षमताओं और सटीक हमलों के लिए कुख्यात। एडॉल्फ आइकमैन के अपहरण (1960) और एंटेबे ऑपरेशन (1976) जैसे मिशनों के लिए प्रसिद्ध। इसका आदर्श वाक्य है: "जहाँ कोई मार्गदर्शन न हो, वहाँ लोग गिर जाते हैं; परंतु रक्षकों की बहुलता के साथ सुरक्षा होती है।" |
| केजीबी (KGB) – कमेटी फॉर स्टेट सिक्योरिटी |
सोवियत संघ (ऐतिहासिक) |
सोवियत संघ की प्रमुख सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसी (1954-1991)। शीत युद्ध के दौरान दुनिया की सबसे शक्तिशाली और आशंकित खुफिया एजेंसियों में से एक थी। इसके कार्यों में जासूसी, प्रतिजासूसी, राजनीतिक दमन और विदेशों में सोवियत हितों की रक्षा शामिल थी। |
| एफएसबी (FSB) – फेडरल सिक्योरिटी सर्विस |
रूस |
रूस की प्रमुख आंतरिक सुरक्षा एजेंसी और केजीबी की प्रमुख उत्तराधिकारी। 1995 में गठित। इसके कार्यों में प्रतिजासूसी, आतंकवाद विरोधी, सीमा सुरक्षा और संघीय अपराधों की जांच शामिल है। यह राष्ट्रपति के प्रति सीधे जिम्मेदार है। |
| जीआरयू (GRU) – मेन डायरेक्टोरेट ऑफ द जनरल स्टाफ |
रूस |
रूसी सशस्त्र बलों की मुख्य खुफिया एजेंसी। इसका मुख्य कार्य सैन्य खुफिया जानकारी जुटाना है। इसे अक्सर दुनिया की सबसे शक्तिशाली सैन्य खुफिया एजेंसियों में से एक माना जाता है और यह विदेशों में सक्रिय गुप्त ऑपरेशन चलाती है। |
| सावाक (SAVAK) – ऑर्गनाइजेशन फॉर इंटेलिजेंस एंड नेशनल सिक्योरिटी |
ईरान (ऐतिहासिक) |
शाह मोहम्मद रजा पहलवी के शासनकाल (1957-1979) में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसी। इसे अमेरिकी सीआईए और इजरायली मोसाद के सहयोग से स्थापित किया गया था। राजनीतिक विरोधियों के दमन और निगरानी के लिए कुख्यात थी। 1979 की ईरानी क्रांति के बाद भंग कर दी गई। |
| मुसाद (MOIS) – मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस |
ईरान |
वर्तमान ईरान की प्रमुख और एकीकृत खुफिया एजेंसी। 1984 में गठित। इसके कार्यों में विदेशी खुफिया, प्रतिजासूसी और विदेशों में ईरान के हितों की रक्षा शामिल है। इसे अक्सर दुनिया की सबसे सक्रिय खुफिया एजेंसियों में से एक माना जाता है। |
| एमएसएस (MSS) – मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी |
चीन |
चीन की प्रमुख नागरिक खुफिया, सुरक्षा और गुप्त पुलिस एजेंसी। यह आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की खुफिया गतिविधियाँ संचालित करती है। इसका प्राथमिक फोकस प्रतिजासूसी, आंतरिक राजनीतिक सुरक्षा और कम्युनिस्ट पार्टी के शासन को बनाए रखना है। |
| पीएलए एसएसएफ – पीपल्स लिबरेशन आर्मी स्ट्रेटेजिक सपोर्ट फोर्स |
चीन |
चीन का सैन्य खुफिया, साइबर युद्ध और मनोवैज्ञानिक युद्ध विंग। 2015 में गठित यह नवीनतम शाखा है जो अंतरिक्ष, साइबर, इलेक्ट्रॉनिक और मनोवैज्ञानिक युद्ध सहित आधुनिक युद्ध के सभी पहलुओं के लिए जिम्मेदार है। |
| आईएसआई (ISI) – इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस |
पाकिस्तान |
पाकिस्तान की प्रमुख खुफिया एजेंसी, जिसे सशस्त्र बलों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। 1948 में गठित। मुख्य रूप से भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ खुफिया एवं गुप्त ऑपरेशन के लिए जानी जाती है। पाकिस्तान की घरेलू और विदेश नीति पर इसका गहरा प्रभाव माना जाता है। |
| डीजीएसई (DGSE) – डायरेक्टोरेट-जनरल फॉर एक्सटर्नल सिक्योरिटी |
फ्रांस |
फ्रांस की विदेशी खुफिया एजेंसी। 1982 में गठित। इसका कार्य फ्रांस के राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए विदेशों से सैन्य और रणनीतिक खुफिया जानकारी एकत्र करना है। |
| बीएनडी (BND) – फेडरल इंटेलिजेंस सर्विस |
जर्मनी |
जर्मनी की विदेशी खुफिया एजेंसी। 1956 में गठित। इसका कार्य विदेशों से ऐसी जानकारी एकत्र करना है जो जर्मन सरकार के लिए महत्वपूर्ण हो, जैसे अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद, अप्रसार और संकट क्षेत्रों की जानकारी। |
| एएसआईएस (ASIS) – ऑस्ट्रेलियन सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस |
ऑस्ट्रेलिया |
ऑस्ट्रेलिया की विदेशी खुफिया एजेंसी। 1952 में गठित। इसका मुख्य कार्य विदेशों से ऐसी जानकारी एकत्र करना है जो ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण हो। |
Post a Comment